‘अतीव सुंदरतया कंदुक प्रक्षेपणेन फलक चालक: स्तब्धोजात…, कंदुक: रेखाया: बहिर्गमनम् चतुर्धावनांक: लब्ध: (खूबसूरत बालिंग से बल्लेबाज चकित हो गया, गेंद सीमारेखा के बाहर, चार रन मिले)। संस्कृत में क्रिकेट मैच की यह कमेंट्री मंगलवार को [More]